देहरादून के बालावाला में करीब 35.7 एकड़ भूमि पर आईटी पार्क/बिजनेस पार्क विकसित करने की कवायद शुरू हुई है.
देहरादून: करीब तीन दशक से बंद पड़ी बालावाला की घोड़ा फैक्ट्री की जमीन का इस्तेमाल अब औद्योगिक विकास के लिए करने की तैयारी है. राज्य सरकार इस जमीन पर आईटी पार्क या बिजनेस पार्क विकसित करना चाहती है. इसके लिए बंगाल इम्युनिटी लिमिटेड की करीब 35.7 एकड़ जमीन राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है.
योजना को मंजूरी मिलने का इंतजार: योजना को मंजूरी मिलने पर देहरादून में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है.मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा को पत्र भेजकर भूमि हस्तांतरण का अनुरोध किया है. प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री ने संबंधित विभाग को आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके बाद औषध विभाग में इस मामले को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हुई है.
अनुपयोगी जमीन के इस्तेमाल पर जोर: बालावाला स्थित यह औद्योगिक इकाई लंबे समय से बंद है. कंपनी की वित्तीय देनदारियों और दिवालिया प्रक्रिया के कारण जमीन का उपयोग नहीं हो पा रहा है. अब सरकार इस परिसंपत्ति को औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावना तलाश रही है.
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मिलेगा लाभ: प्रस्तावित आईटी पार्क या बिजनेस पार्क में किस तरह की गतिविधियां विकसित होंगी और कितनी कंपनियों को जगह मिलेगी, यह योजना के अंतिम स्वरूप और स्वीकृति पर निर्भर करेगा. हालांकि, सरकार का मानना है कि परियोजना के धरातल पर उतरने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर बन सकते हैं.
कनेक्टिविटी सुधारने की भी तैयारी: प्रस्तावित पार्क तक पहुंच आसान बनाने के लिए सड़क संपर्क सुधारने की योजना पर भी काम किया जा रहा है. उद्योग विभाग के अनुसार सोंग नदी पर प्रस्तावित लच्छीवाला-थानो फोरलेन एलिवेटेड मार्ग को इस जमीन से जोड़ने का प्रस्ताव है. इसके सर्वे और डीपीआर संबंधी कार्यों के लिए शुरुआती चरण में एक करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग से सीधे संपर्क की संभावना तलाशी जा रही है.
बिजनेस पार्क विकसित करने की योजना: इस पहल का उद्देश्य बंद पड़ी परिसंपत्ति का उपयोग कर निवेश को बढ़ावा देना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित करना है. हालांकि फिलहाल जमीन हस्तांतरण और परियोजना की मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़नी है. ऐसे में बालावाला की इस जमीन पर आईटी या बिजनेस पार्क विकसित होने की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए अभी अगला कदम केंद्र की स्वीकृति और भूमि हस्तांतरण होगा.
