आगामी विधानसभा चुनाव जैसे जैसे नजदीक आ रहे हैं । भाजपा, कांग्रेस और यूकेडी में प्रत्याशियों की लिस्ट बढती जा रही है। मसूरी विधानसभा में लंबे समय से सक्रिय कांग्रेसी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मनीष गौनियाल ने भी दावेदारी कर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
मसूरी विधानसभा में वर्तमान विधायक गणेश जोशी जो सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। और तीन बार से यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस सीट पर देहरादून के पूर्व महापौर सुनील उनियाल ‘गामा ‘नै यह कहकर कि यह सीट गणेश जोशी की नहीं बल्कि भाजपा की है, उनके इस बयान ने पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी।और मसूरी सीट हॉट सीट बन गई। गणेश जोशी को उम्मीद भी नहीं थी कि इस सीट पर भाजपा का कोई दमदार चेहरा दावेदारी कर सकता है। वह यह मानकर चल रहे थे कि मेरे बाद यह सीट मेरी बेटी नेहा जोशी संभालेंगी । लेकिन पूर्व महापौर की दावेदारी और उन्हें मिल रहे जनसमर्थन ने गणेश जोशी के लिए मुश्किल खड़ी कर दी। पूर्व महापौर इन दिनों मसूरी विधानसभा में बहुत सक्रिय हैं। इतना ही नहीं पूर्व राज्यमंत्री और बरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रविन्द्र जुगराण ने भी इस सीट पर ताल ठोक दी । वो भी गणेश जोशी की कार्याप्रणाली पर सवाल खड़े कर जनता के सामने रख रहे हैं । और सरकार को भी कटघरे में खड़े कर रहे हैं। बात करें मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तो यहां कांग्रेस में दावेदारी करने वालों में कई नये चेहरे दिखाई दे रहे हैं। यहां से पूर्व प्रत्याशी रही गोदावरी थापली जो दो बार चुनाव लड़ी और दोनों बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी। गोदावरी इस समय गणेश जोशी के खिलाफ इतना आक्रामक नही है जितना होना चाहिए था। जबकि मसूरी के पूर्व पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने अभी कुछ समय पूर्व कांग्रेस में शामिल हुए उनकी दावेदारी बनती है एक दो बार ही उन्होंने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ आवाज उठाई। पर वह मसूरी शहर तक सुनाई दी। जबकि मसूरी विधानसभा का करीब अस्सी फीसदी मतदाता महानगर और उसके आसपास का है। इसके अलावा कांग्रेसी नेत्री सोनिया आनंद रावत भी पिछले कुछ समय से मसूरी विधानसभा की समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद कर रही हैं। इन सबके अलावा कांग्रेस के एक और नेता जो पिछले दस साल से मसूरी की समस्याओं को उठा रहे हैं कांग्रेस के युवा नेता जिनकी पहचान सामाजिक कार्यकर्ता के रुप में है वो लगातार मसूरी विधानसभा की आवाज को उठा रहे हैं। यही नहीं मंत्री गणेश जोशी को भी समय समय पर घेरते दिखाई देते हैं। उनकी मजबूत पकड़ और आक्रामक शैली कांग्रेस के अन्य दावेदारों से अलग करती है ।ऐसे में गौनियाल की दावेदारी को पार्टी नजर अंदाज नहीं कर सकती । हांलांकि इनके अलावा कांग्रेस में वर्तमान पार्षद सुशांत बोरा की भी नजर लगी है। वहीं यूकेडी से मेजर संतोष भंडारी ने भी ताल ठोक कर मसूरी की सर्द हवाओं में गर्माहट पैदा कर दी ।अभी यह देखना होगा कि अभी और कितने दावेदार मसूरी विधानसभा में ताल ठोकते हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि गणेश जोशी के खिलाफ इस समय माहौल बना है । उनके खिलाफ उनकी आय से अधिक सम्पत्ति का मामला हो, सैन्य धाम में अनियमितता, उद्यान घोटाला, आदि के अलावा मसूरी विधानसभा के होटल व्यवसाय और जनता भी बदलाव के मूड में हैं जो उनके काम पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।