पेयजल संकट और दूषित पानी को लेकर बंजारावाला के लोगों का फूटा गुस्सा , जल संस्थान कार्यालय का किया घेराव।

विधायक विनोद चमोली पर बरसे सामाजिक कार्यकर्ता बीर सिंह पंवार, बोले– खुद को मुख्यमंत्री मैटेरियल मानते हैं, लेकिन क्षेत्र की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं

देहरादून -राजधानी देहरादून की धर्मपुर विधानसभा के वार्ड संख्या 84 बंजारावाला में लंबे समय से चली आ रही पेयजल किल्लत और दूषित पानी की आपूर्ति को लेकर बुधवार को क्षेत्रवासियों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। प्रदेश के सर्वाधिक मतदाताओं वाले क्षेत्रों में शामिल बंजारावाला के सैकड़ों लोगों ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पार्षद रूची रावत, सामाजिक कार्यकर्ता बीर सिंह पंवार एवं डीएवी कॉलेज के पूर्व महासचिव और सामाजिक कार्यकर्ता जोगेंद्र रावत के नेतृत्व में जुलूस निकालकर जल संस्थान कार्यालय का घेराव किया।

 

प्रदर्शनकारियों ने पेयजल आपूर्ति में सुधार, दूषित पानी की समस्या के स्थायी समाधान और सीवरेज परियोजना के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों एवं नालियों को दुरुस्त करने की मांग उठाई।

इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता बीर सिंह पंवार ने क्षेत्रीय विधायक विनोद चमोली पर निशाना साधते हुए कहा कि विधायक खुद को मुख्यमंत्री मैटेरियल मानते हैं, लेकिन उनके अपने विधानसभा क्षेत्र की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश की राजधानी में ही लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं तो दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।

 

पार्षद रूची रावत ने कहा कि वह लंबे समय से क्षेत्रवासियों की समस्याओं को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने एडीबी के माध्यम से संचालित सीवरेज परियोजना की निर्माणदायी कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना के निर्माण कार्यों के चलते सड़कें, नालियां और पेयजल लाइनें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। यहां तक कि नगर निगम द्वारा पूर्व में बनाई गई नालियां भी क्षतिग्रस्त कर दी गई हैं। अधिकारियों की अनदेखी के कारण क्षेत्रवासियों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता जोगेंद्र रावत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के जनहित से जुड़े कार्यों में जानबूझकर अड़चनें पैदा की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्षद लगातार जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन अधिकारियों के रवैये और दबाव के चलते उनके क्षेत्र की उपेक्षा की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान लोगों का आक्रोश देखते हुए जल संस्थान और संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें यूयूएसडीए के निदेशक संजय तिवारी, राजीव सैनी, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता बीएस डोगरा, जल निगम के सहायक अभियंता चंद्रशेखर कंडवाल तथा वीपीआरपीएल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव प्रधान शामिल रहे।

 

इस मौके पर वार्ड 85 मोंथरोवाला के पार्षद सोबत सिंह रमोला, सूबेदार एवं सामाजिक कार्यकर्ता, जगदंबा नौटियाल, सूरज मेहरा सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट किया कि पेयजल संकट, दूषित पानी और सीवरेज निर्माण से क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


रिपोर्ट: गिरिराज उनियाल
गिरिराज हिमालय न्यूज़ पोर्टल,