मौसमी बुखार से सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये असरदार टिप्स

सर्दियों से गर्मियां आने पर मौसमी बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है क्योंकि गर्मी और आर्द्रता में तेजी से वायरस हमला करते हैं।इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों पर पड़ता है। हालांकि, अगर हम सफाई का ध्यान रखें तो इन वायरस के हमलों से सुरक्षित रह सकते हैं।आइए आज हम आपको कुछ ऐसी असरदार टिप्स देते हैं, जिन्हें अपनाकर आप मौसमी संक्रमण से बचे रह सकते हैं।

मौसमी बुखार से जुड़े लक्षण
बुखार, बहती नाक, गले में खराश, ठंड लगना और शारीरिक दर्द होना सबसे आम लक्षण हैं, जो आम मौसमी बुखार के कारण हो सकते हैं।कुछ लोगों को इसके कारण कमजोरी और चक्कर आने जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है क्योंकि संक्रमण के दौरान शरीर को रोजाना के कार्य करने और तापमान संतुलित रखने के लिए अधिक ऊर्जा की जरूरत होती है।इस दौरान होने वाला तेज बुखार किसी गंभीर स्थिति का संकेत दे सकता है।

हाथों को साफ रखें
मौसमी बुखार और बीमारियों से बचे रहने के सबसे आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है कि अपने हाथों को एकदम साफ रखें।किसी भी तरह की चीज को छूने के बाद, खाने से पहले और शौचालय का उपयोग करने के बाद अपने हाथों को एंटी-बैक्टीरियल साबुन से साफ करें।खासतौर से अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं तो अपने पास एंटी-बैक्टीरियल वाइप्स रखें और उससे अपने हाथों को साफ रखें।

अपने आस-पास की सफाई है बेहद जरूरी
गंदी वायरस के विकास को बढ़ावा देती है, इसलिए अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।ऐसे क्षेत्रों से दूर रहें जहां पानी जमा हो और वायरस से छुटकारा पाने के लिए चादर, तकिए और उनके कवर को हर हफ्ते गर्म पानी से धोएं।साथ ही रोजाना अपने घर को एंटी-बैक्टीरियल सॉल्यूशन से साफ करें और कालीन या फिर रग्स को सप्ताह में कम से कम 2 बार वैक्यूम से साफ करें।

साफ पानी और भोजन का करें सेवन
संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षित रहने के लिए साफ पानी और स्वच्छ भोजन का सेवन करें।साफ पानी के लिए फिल्टर, आरओ सिस्टम और अन्य जल शोधन उपकरणों की नियमित रूप से मरम्मत और रखरखाव करवाएं। इसके अतिरिक्त रोजाना 8 से 10 गिलास पानी का सेवन जरूर करें।वहीं भोजन के लिए फल और सब्जियों के इस्तेमाल से पहले धोएं। साथ ही हमेशा साफ बर्तनों में खाना परोसें।

मौसमी संक्रमण होने पर और क्या करें?
अगर आप पहले से ही मौसमी बुखार का सामना कर रहे हैं तो डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है।हालांकि, आप घरेलू नुस्खे के रूप में गर्म पानी पीना और फल खाना शुरू कर सकते हैं।जिंक और विटामिन-सी, विटामिन-डी और विटामिन-ए जैसे पोषक तत्वों से युक्त पौष्टिक भोजन करें।समय-समय पर अपने शरीर के तापमान की जांच करते रहें और दूसरों से दूरी बनाए रखने समेत पर्याप्त आराम करें।